११४ ‘डि़जिटल आंखें’ रखेंगी सेंट्रल के चप्पे–चप्पे पर नजर

लोको शेड़ में इले्ट्रिरक इंजनों की मरम्मत प्रक्रिया अब आसान हो गई है। मरम्मत के लिए इंजन को वायर्ड़ व अनवायर्ड़ पिट में ले जाने के लिए समय बर्बाद नहीं होगा। एक ही इंजन की मदद से मरम्मत के लिए दूसरे इंजन को पिट में लाया जा सकेगा। यह हो सकेगा ड़यूल मोड़ शंटिंग इंजन की मदद से॥। लोको शेड़ में इंजन की मरम्मत के लिए इन्हें अनवायर्ड़ पिट लाइन में लाना पड़़ता है। यह वह पिट लाइन होती है‚ जिस पर ऊपर बिजली की लाइन नहीं होती है। कर्मचारियों को कई बार इंजन की छत पर जाकर काम करना होता है। ऐसे में इंजन को अनवायर्ड़ पिट लाइन पर लाना पड़़ता है। इसके लिए मरम्मत किये जाने वाले इंजन को दूसरे इले्ट्रिरक इंजन ने शंट किया जाता है।

धकेल कर अनवायर्ड़ पिट लाइन पर लाया जाता है‚ लेकिन जो इंजन शंट किया जाता है वह जहां तक बिजली की लाइन हैं वहीं तक पहुंच पाता है। ऐसे में दो इंजनों का इस्तेमाल करना पड़़ता है। इसमें समय भी लगता है व प्रक्रिया भी लम्बी होती है। क्योंकि अतिरिक्त इंजन लगाना पड़़ता है। मरम्मत के बाद वापस वायर्ड़ लाइन पर लाने के लिए यह प्रक्रिया फिर दोहरानी पड़़ती है। यह शंटिंग कार्य जटिल होता है‚ लेकिन अब इससे बचा जा सकेगा। अब शेड़ में ड़़¬ूल मॉड़ल शंटिंग तकनीकि विकसित की गई है। इसे ड़़¬ूल मोड़ इंजन का नाम दिया गया है। इस एक ही इंजन से वायर्ड़ व अनवायर्ड़ पिट पर मरम्मत वाले इंजन को लाया जा सकेगा॥। मरम्मत में नहीं लगेगा समय॥